कभी आलू की फैक्ट्री, कभी लीटर में आटे का भाव, कितनी बार फिसलेगी राहुल गांधी की जुबान..!
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर से होगी जो कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर पर जाकर खत्म होगी। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इससे पहले पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में रविवार को महंगाई को खिलाफ हल्ला बोल रैली का आयोजन किया। रैली के दौरान राहुल ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी समेत तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की लेकिन तभी विशाल जनसमूह के बीच राहुल की जुबान से कुछ ऐसा निकल गया कि वह जल्द ही ट्रोल्स के निशाने पर आ गए।
असल में राहुल 2014 और 2022 के बीच चीजों के बढ़े दामों के बारे में बता रहे थे। इसी बीच उन्होंने आटे का भाव बताया। लेकिन, यह भाव किलो की जगह लीटर में बता दिया। फिर क्या था... ट्रोलर्स ने इसे भी लपक लिया और मीम की बाढ़ आ गई। हालांकि उन्होंने इसे बाद में सही किया लेकिन तब तक काम हो चुका था।
कांग्रेस सांसद के साथ यह कोई पहला वाकया नहीं है। इससे पहले 2017 के गुजरात चुनाव में उन्होंने आलू से सोना बनाने की तरकीब बताई थी। बाद में फैक्ट चेक करने पर पता चला कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। राहुल के इन बयानों को ट्रोल आर्मी के अलावा भारतीय जनता पार्टी भी खूब भुनाती है।
क्या कहा राहुल ने
राहुल ने कहा कि 2014 में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 410 रुपये थी जो 2022 में 1050 रुपये है, पेट्रोल और डीजल 2014 में 70 और 55 रुपये लीटर था जो आज 100 और 90 रुपये लीटर है। दूध 35 रूपये लीटर था जो आज 60 रूपये लीटर हो गया है। इसी बीच राहुल ने कहा कि आटा 2014 में 22 रुपये लीटर था जो आज 40 रुपये लीटर था। आटे की रोटी खाने वाले को भी पता है कि आटा लीटर नहीं किलो के भाव में आता है लेकिन राहुल के मुंह से निकल गया। राहुल को जब एहसास हुआ उन्होंने उसे सही तो किया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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