अमेरिका से किलर ड्रोन की खरीद आखिरी दौर में, बढ़ेगी भारत की पावर
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भारतीय सेना के बेड़े में जल्द प्रीडेटर ड्रोन शामिल होने वाला है। तीन अरब डॉलर यानी 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 30 ड्रोन की डील को लेकर बातचीत आखिरी दौर में हैं। अमेरिकी कंपनी ‘जनरल एटॉमिक्स’ ने यह ड्रोन बनाए हैं। इन 30 ड्रोन को चीन के साथ लगने वाली एलएसी और भारत की समुद्री सीमा में सर्विलांस और सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
कश्मीर के पहाड़ी इलाकों पर नजर रखने के लिए इंडियन आर्मी फिलहाल, इजराइल से खरीदे गए ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रही है। लेकिन, अमेरिका के प्रिडेटर जेट की रफ्तार से उड़ते हैं। इन ड्रोन्स के मिलने के बाद भारत पाकिस्तान और चीन पर आसानी से नजर रख सकेगा।
इन सभी ड्रोन को तीनों सेनाओं के लिए खरीदा जा रहा है। पिछले महीने इसका इस्तेमाल काबुल में हेलफायर मिसाइल के एक मोडिफाइड वर्जन को दागने के लिए किया गया था। इसमें अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी की मौत हो गई थी। माना जाता है कि अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को खोजने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया था। हालांकि, तब इसका पुराना वर्जन इस्तेमाल किया गया था। भारत जिस वर्जन को खरीदने जा रहा है उसे दुनिया का मोस्ट एडवांस्ड ड्रोन कहा जाता है।
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