बॉल पर पैरों से कंट्र्रोल की जादूगरी सिखाने और फुटबॉल को लोकप्रियता के शिखर पर ले जाने वाले वाले पुरोधा पेले नहीं रहे
<p>वर्ष 2022 जाते-जाते रुला गया और खेल की दुनिया को सबसे ब़ड़ी क्षति पहुंचा गया। इस सदी के महान फुटबॉलर और ब्राजील के लिए रिकॉर्ड तीन बार विश्वकप जीतने वाले <strong>पेले</strong> का गुरुवार को निधन हो गया। वे 2021 से क्रोनल कैंसर से पीड़ित थे और इस कारण होने वाली अन्य बीमारियों से ग्रसित थे।</p>
बीते महीने उन्हें विभिन्न बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। पेले के एजेंट जोए फ्रैगा ने उनके निधन की जानकारी दी है।
ग्लोबल एंम्बेसेडर थे पेले
दो दशकों तक दुनिया को अपने पैरों का जादू दिखाने वाले पेले ब्राजील को फुटबॉल के शिखर तक लेकर गए और साओ पाउलो की सड़कों से शुरू किए अपने सफर में इस खेल के ग्लोबल एम्बेसडेर भी बन गये थे। पेले के रहते हुए ब्राजील ने 1958, 1962 और 1970 में विश्वकप जीता था। उन्होंने ब्राजील की तरफ से 77 गोल किए। उनके इस राष्ट्रीय रिकॉर्ड की हाल में विश्वकप के दौरान नेमार ने बराबरी की थी।
पेले की रोसमेरी डोस रिस चोल्बी और असिरिया सेक्सास लेमोस से की गई शादियों से पांच बच्चे और बिना शादी के दो बेटियां हैं। बाद में उन्होंने कारोबारी मार्शिया सिबेले ओकी से शादी कर ली थी।
फुटबॉल के लिए बड़ा बाजार तैयार किया
पेले का पूरा नाम एडसन अरांतेस डो नासिमेंटो था। उनका जन्म 1940 में हुआ। उन्हें फुटबॉल की लोकप्रियता को चरम पर ले जाकर उसका बड़ा बाजार तैयार करने वाले पुरोधाओं में से एक माना जाता है। भ्रष्टाचार, सैन्य तख्तापलट, सेंसरशिप और दमनकारी सरकारों को झेल रहे देश में उनका जन्म हुआ। सत्रह बरस के पेले ने हालांकि 1958 में अपने पहले ही विश्व कप में ब्राजील की छवि बदलकर रख दी।
लगातार चर्चाओं मे बने रहते थे पेले
स्वीडन में खेले गए टूर्नामेंट में उन्होंने चार मैचों में छह गोल किये जिनमें से दो फाइनल में किये थे। ब्राजील को उन्होंने मेजबान पर 5.2 से जीत दिलाई और कामयाबी के लंबे चलने वाले सिलसिले का नींव रखी। फीफा द्वारा महानतम खिलाड़ियों में शुमार किये गए पेले राजनेताओं के भी पसंदीदा रहे। विश्व कप 1970 से पहले उन्हें राष्ट्रपति एमिलियो गारास्ताजू मेडिसि के साथ एक मंच पर देखा गया जो ब्राजील की सबसे तानाशाह सरकार के सबसे निर्दय सदस्यों में से एक थे।
What's Your Reaction?