आतंक की कमर तोड़ने के लिए पीएफआई के 92 ठिकानों पर छापेमारी, 106 गिरफ्तार, एनआईए और ईडी इस कार्रवाई के विरुद्ध प्रदर्शन और केरल में 23 सितंबर को हड़ताल का आह्वान
आतंक की कमर तोड़ने के लिए आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश भर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 15 राज्यों में कुल 93 स्थानों पर छापे मारे। इन छापों के साथ 106 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि एनआईए और ईडी ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, असम, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में छापे डाले। इन छापों पीएफआई व इससे संबंधित लोगों की ट्रेनिंग गतिविधियों, टेरर फंडिंग के साथ लोगों को संगठन से जोड़ने के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों ने बताया कि केरल में 39, तमिलनाडु में 16, कर्नाटक में 12, आंध्र प्रदेश में 7, तेलंगाना में 1, उत्तर प्रदेश में 2, राजस्थान में 4, दिल्ली में 2, असम में 1, मध्य प्रदेश में 1, महाराष्ट्र में 4, गोवा में 1, पश्चिम बंगाल में 1, बिहार में 1 और मणिपुर में 1 स्थानों पर छापे मारे। इस अभियान में एनआईए के 300 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 से पहले पीएफउआई से संबंधित मामलों में कुल 46 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था और पीएफआई के विरुद्ध मामलों में 355 आरोपियों पर पहले ही आरोप पत्र दायर किया जा चुका है।
एनआईए और ईडी ने मलप्पुरम जिले के मंजेरी में पीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमए सलाम के अलावा पीएफआई के दिल्ली प्रमुख परवेज अहमद के घर पर छापेमारी की और गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान पीएफआई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा कर्नाटक के मंगलुरु में भी एनआईए की छापेमारी के खिलाफ पीएफआई और एसडीपीआई के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि इन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पीएफआई के राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर के नेताओं के घरों पर छापेमारी की जा रही है। राज्य समिति कार्यालय पर भी छापेमारी की जा रही है। पीएफआई ने आज एक एक बयान में कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के लिए फासीवादी शासन द्वारा एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल करने के कदमों का हम कड़ा विरोध करते हैं। एनआईए के अधिकारी तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पार्टी कार्यालय पर छापेमारी की। पीएफआई के 50 से ज्यादा सदस्यों ने एनआईए की छापेमारी के खिलाफ पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
सूत्रों ने बताया कि चार्जशीट में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें के ए रऊफ शेरिफ, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतीकुर रहमान, दिल्ली स्थित सीएफआई के महासचिव मसूद अहमद, पीएफआई से जुड़े पत्रकार सिद्दीकी कप्पन और मोहम्मद आलम के नाम शामिल हैं।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं ने छापेमारी के खिलाफ गुरुवार को पूरे केरल में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ अपने मजबूत विरोध को चिह्नित करने के लिए शुक्रवार को दक्षिणी राज्य में सुबह से शाम तक की हड़ताल का भी आह्वान किया। पीएफआई के एक बयान में कहा गया है कि उसकी राज्य समिति ने पाया कि नेताओं की गिरफ्तारी राज्य प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा थी।
पीएफआई के केरल राज्य महासचिव ए अब्दुल सथर ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर असहमति की आवाज को दबाने की आरएसएस नियंत्रित फासीवादी सरकार की कोशिश के खिलाफ 23 सितंबर को राज्य में हड़ताल की जाएगी। उन्होंने बयान में कहा कि हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक होगी।
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