कब है होलिका दहन? रविवार को या सोमवार को... मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि तक सबकुछ
<p><em><strong>इस साल होलिका दहन की सही तारीख क्या है? होलिका दहन रविवार को है या फिर सोमवार को? होलिका दहन को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। आइए, जानते हैं कि होलिका दहन किस दिन है? शुभ मुहूर्त, मंत्र, महत्व और होलिका दहन की विधि क्या है?</strong></em></p>
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रा रहित प्रदोष काल मुहूर्त में करने का विधान है। लेकिन जब भद्रा लगी होती है तो होलिका दहन नहीं करते हैं। इस साल होलिका दहन की सही तारीख क्या है? होलिका दहन रविवार को है या फिर सोमवार को? होलिका दहन को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। दरअसल हिंदू पर्व और त्योहार उदयातिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, लेकिन यह नियम सभी पर समान रूप से लागू नहीं होता है। कई बार उचित तिथि में मुहूर्त के आधार पर व्रत और त्योहार की तारीख का निर्धारण होता है।
होलिका दहन 2024 रविवार या सोमवार को?
जयपुर के दिव्य सुमन ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य संजीव सोनी के अनुसार, होलिका दहन के लिए आवश्यक फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च रविवार को दिन में 09ः23 बजे के बाद से लग रही है और 25 मार्च सोमवार को दिन में 11ः31 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर फाल्गुन पूर्णिमा 25 मार्च को होगी, लेकिन उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 09ः23 बजे के बाद खत्म हो जाएगी, ऐसे में होलिका दहन रविवार 24 मार्च को करना ही उत्तम होगा।
होलिका दहन 2024 मुहूर्त
24 मार्च रविवार को रात में 10ः28 बजे भद्रा खत्म हो जा रही है, उसके बाद आप होलिका दहन कर सकते हैं। ऐसे में होलिका दहन का मुहूर्त रात 10ः28 पीएम के बाद से है।
होलिका दहन का मंत्र
रविवार को जब आप रात में होलिका दहन करें तो उस समय आपको ॐ होलिकायै नमः मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
होलिका दहन की सही विधि
1. होलिका दहन वाले दिन शुभ मुहूर्त में होलिका के पास दक्षिण दिशा में एक कलश स्थापित कर दें। उसके बाद पंच देवताओं की पूजा करें।
2. उसके बाद होलिका का मंत्र जाप करते हुए पूजन करें। भक्त प्रह्लाद और भगवान हिरण्यकश्यप की भी पूजा करें। उसके बाद होलिका की 7 बार परिक्रमा करें और उसमें कच्चा सूत लपेट दें।
3. फिर नारियल, जल और अन्य पूजा सामग्री होलिका को अर्पित कर दें। उसके बाद होलिका दहन करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका की अग्नि में गेहूं की बालियां सेंककर खाने से स्वास्थ्य लाभ होता है।
होलिका दहन में क्या न करें
होलिका दहन में आपको हरे पेड़ और पौधों का उपयोग नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपकी कुंडली का बुध ग्रह खराब होता है क्योंकि हरे पेड़-पौधों का स्वामी बुध माना जाता है। हरे पेड़-पौधों को जलाने से व्यक्ति को शोक और रोग दोनों ही झेलने पड़ते हैं।
होलिका दहन का महत्व
होलिका दहन का पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। होलिका ने भक्त प्रह्लाद को आग में जलाकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन विष्णु कृपा से वह स्वयं जलकर मर गई।
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