यूपी में भाजपा ने ढहाया सपा का किला, मिला पहला मुस्लिम विधायक
<p><em><strong>उत्तर प्रदेश में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए को पहला मुस्लिम विधायक मिल गया है। रामपुर की स्वार सीट पर हुए उपचुनाव में शफीक अहमद अंसारी ने अपना दल (एस) के टिकट पर चुनाव जीत लिया है।</strong></em></p>
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के साथ ही दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे भी आए। दोनों में भगवा परचम लहराया। इसमें रामपुर की स्वार सीट पर आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की सदस्यता रद्द होने के बाद हो रहे उपचुनाव में बीजेपी की सहयोगी अपना दल कैंडिडेट ने जीत दर्ज की। आजम का किला ध्वस्त हो गया और यूपी में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को पहला मुस्लिम विधायक मिल गया है।
सपा की अनुराधा चौहान को दी मात
स्वार विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी समर्थित अपना दल (एस) प्रत्याशी शफीक अहमद अंसारी ने सपा की अनुराधा चौहान को हरा दिया। अपना दल, बीजेपी की सहयोगी पार्टी है और शफीक के रूप में एनडीए को उत्तर प्रदेश में पहली बार कोई मुसलमान विधायक मिला है। अंसारी स्वार नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन्होंने 8724 वोट के अंतर से जीत हासिल की।
इस सीट पर 1951 से लेकर 1962 तक कांग्रेस के महमूद अली खां विधायक रहे। 1967 में मकसूद हसन स्वतंत्र पार्टी से जीते। 1969 में भारतीय जनसंघ के राजेन्द्र शर्मा पहली बार विधायक बने। 1974 में कांग्रेस के सैयद मुर्तजा अली खां जीते। 1977 में कांग्रेस के मकबूल अहमद चुनाव जीते। 1980 में भाजपा के चैधरी बलबीर सिंह और 1985 में कांग्रेस के निसार हुसैन चुनाव जीते।
1989 से लेकर 1996 तक भाजपा के शिव बहादुर सक्सेना 4 बार विधायक बने। उनके बेटे आकाश सक्सेना अब रामपुर से विधायक हैं, वह आजम की विधायकी जाने के बाद खाली हुई रामपुर उपचुनाव में जीते थे। रामपुर सीट भी सजा होने पर आजम की विधायकी जाने पर खाली हुई थी।
साल 2002 में कांग्रेस से नवाब परिवार के काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, इसके 2007 में भी नावेद मियां सपा से और 2012 में कांग्रेस से जीते। हालांकि 2017 में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम पहली बार सपा से चुनाव लड़े नवाब काजिम को हरा दिया। 2022 में अब्दुल्ला आजम फिर सपा से चुनाव जीते। अब स्वार उपचुनाव में शकील अंसारी चुनाव जीत गए हैं। वह यहां पर एनडीए से आने वाले पहले मुस्लिम विधायक बने हैं।
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