Right to health bill protest: महारैली के जरिये डॉक्टरों के शक्ति प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने खेला इमोशनल कार्ड...शेयर किया वीडियो क्लिप
<p><em>Right to health bill protest: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश के 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य का कानूनी अधिकार देने का ऐलान किया है परन्तु प्रदेश भर के निजी अस्पताल इस विधेयक के कुछ प्रावधानों को अपने विरुद्ध बताते हुए विरोध पर उतारू हैं। विरोध इतना कि प्रदेश में मेडिकल व्यवस्था चरमरा गयी है। डॉक्टर्स को मनाने की मंशा से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल (Right To Health Bill) को लेकर उसके उद्देश्य को साझा किया है। उन्होंने ट्विटर पर एक मार्मिक क्लिप के जरिए बताया कि आखिर क्यों जरूरी है राइट टू हेल्थ ? उन्होंने दिल्ली में 24 वर्षीय युवक की आत्महत्या की घटना का भी जिक्र किया। इसके अलावा समाचार पत्रों में भी विज्ञापन के जरिये उनकी ओर से यह समझाने की कोशिश की गयी है कि राइट टू हेल्थ क्यों लाया गया है।</em></p>
वीडियो क्लिप शेयर कर के अशोक गहलोत कहा कि आर्थिक तंगी कैसे इलाज में बाधा बनती है ? कई बार तो दुर्भाग्य से खुदखुशी तक की नौबत ले आती है इसलिए सरकार ने महसूस किया कि हर जिंदगी अनमोल है। किसी भी परिवार का चिराग आर्थिक तंगी के चलते ना बुझे क्योंकि यूं किसी चिराग का बुझना पूरे समाज के लिए शर्मिंदगी है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किया गया ट्वीट
ये वीडियो दिखाता है कि क्यों हर राज्य के लिए जरूरी है 'राइट टू हेल्थ'- RTH pic.twitter.com/30WakBhK7C— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) March 27, 2023
वहीं राजस्थान में कल चिकित्सा सेवाएं बंद रहेगी ! राइट टू हेल्थ बिल को लेकर जारी निजी चिकित्सकों के आंदोलन को मेडिकल टीचर्स से भी बड़ा समर्थन मिला है। मेडिकल टीचर्स ने राजस्थान में 29 मार्च के प्रस्तावित महाबंद को समर्थन दिया है। मेडिकल टीचर्स के संगठन RMCTA और MCTAR ने महाबंद का ऐलान किया है। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी और आईसीयू की सेवा यथावत रखने की घोषणा की।
इलाज के लिए मरीज जा रहे हैं दिल्ली-गुजरात
दूसरी ओर इलाज की चिंता में मरीजों का दिल्ली-गुजरात की तरफ रुख जारी है। राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में बीच में पिस रहे हैं बेचारे मरीज़ जो शिड्यूल डिलीवरी, एक्डेंटल इमरजेंसी, आपात सर्जरी समेत अन्य ट्रीटमेंट के लिए मरीज परेशान हो रहे हैं। इसी के चलते आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाएं शिड्यूल डिलीवरी के लिए दूसरे राज्यों में जा रही है।
राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में चिकित्सकों ने महारैली दिखा कर किया शक्तिप्रदर्शन
आपको बता दें कि राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में कल सोमवार, 27 मार्च 2023 को राजधानी जयपुर में चिकित्सकों ने महारैली के रूप में अपना शक्ति प्रदर्शन किया था। प्रदेश भर के चिकित्सक सुबह एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ग्राउड में एकत्र हुए और फिर रैली के रूप में गोखले हॉस्टल मार्ग, सूचना केंद्र टोंक रोड, महारानी कॉलेज तिराहा, अशोक मार्ग, राजपूत सभा भवन, पांच बत्ती, एमआई रोड, अजमेरी गेट, न्यू गेट, अल्बर्ट हॉल होते हुए वापस मेडिकल कॉलेज पहुंचे। रैली के बाद चिकित्सक नेताओं ने अपने मंसूबे साफ कर दिए कि अब सरकार से कोई वार्ता की जरूरत नहीं है। जब तक मौजूदा बिल को वापस नहीं लिया जाता, तब तक चिकित्सकों का आंदोलन जारी रहेगा।
27 मार्च को डॉक्टरों की महारैली का दृश्य
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