राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाल किले का स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग नहीं लिया, BJP ने साधा ‘पाकिस्तान प्रेमी’ का तंज

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को लाल किले पर हुए 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत नहीं की। उनके अनुपस्थित रहने से राष्ट्रीय आयोजन को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने 15 अगस्त के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी..

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाल किले का स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग नहीं लिया, BJP ने साधा ‘पाकिस्तान प्रेमी’ का तंज
16-08-2025 - 08:59 AM

नयी दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को लाल किले पर हुए 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत नहीं की। उनके अनुपस्थित रहने से राष्ट्रीय आयोजन को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने 15 अगस्त के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर तंज कसा।

हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इस बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पिछले साल की सीट व्यवस्था से नाराज़ होकर इस बार समारोह से दूर रहे।

शहज़ाद पूनावाला ने ‘एक्स’ (X) पर लिखा, अभी-अभी मेरे साथ टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता ने पुष्टि की कि ‘LoP’ राहुल गांधी ने 15 अगस्त का लाल किले का कार्यक्रम छोड़ दिया। यह एक राष्ट्रीय उत्सव था लेकिन दुख की बात है कि पाकिस्तान प्रेमी राहुल गांधी—मोदी विरोध में देश और सेना विरोध कर बैठे! शर्मनाक आचरण। क्या यही संविधान और सेना का सम्मान है?”

राहुल गांधी ने क्यों छोड़ा लाल किले का समारोह?

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने इस बार लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। इससे उनकी अनुपस्थिति को लेकर बहस छिड़ गई। हालांकि न तो पार्टी और न ही दोनों नेताओं की ओर से कोई बयान आया, लेकिन NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने यह कार्यक्रम इसलिए छोड़ा क्योंकि पिछले साल वे सीटिंग अरेंजमेंट से नाखुश थे।

पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विवाद खड़ा हो गया था जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अंतिम से दूसरी पंक्ति में बैठाया गया था, जो परंपरा और प्रोटोकॉल से अलग था। इसके बाद विपक्ष ने इसे जनता का ‘अपमान’ बताया।

रक्षा मंत्रालय ने तब कहा था कि इस बार ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मान देने के लिए बैठने की व्यवस्था बदली गई थी। प्रोटोकॉल के अनुसार, विपक्ष के नेता को औपचारिक आयोजनों में फ्रंट रो (पहली पंक्ति) में बैठाया जाना चाहिए।

पिछले साल, पहली पंक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और एस. जयशंकर सहित अन्य नेता बैठे थे। राहुल गांधी को पाँचवीं पंक्ति में बैठाया गया था, जहाँ वे भारतीय ओलंपिक पदक विजेताओं—जैसे स्टार शूटर मनु भाकर और सरबजोत सिंह, हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह और गोलकीपर पीआर श्रीजेश—के पीछे बैठे थे।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बाद में कहा था कि औपचारिक आयोजनों में बैठने की व्यवस्था प्रोटोकॉल के तहत तय होती है और पिछले साल ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मान देने का फैसला किया गया था। प्रोटोकॉल के तहत कई केंद्रीय मंत्री भी ओलंपिक पदक विजेताओं के पीछे बैठे थे।

राहुल गांधी और खड़गे के संदेश

स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों को शुभकामनाएँ देते हुए राहुल गांधी ने लिखा, यह स्वतंत्रता महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से प्राप्त हुई है। यह एक संकल्प है—ऐसा भारत बनाने का, जहाँ न्याय सत्य और समानता की नींव पर टिका हो और हर दिल सम्मान व भाईचारे से भरा हो। इस अनमोल धरोहर के गौरव और सम्मान की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। जय हिंद, जय भारत!”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संदेश दिया, स्वतंत्रता दिवस एक पवित्र अवसर है, जब हमें स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुत्व जैसे लोकतंत्र के मूल्यों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करना चाहिए।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।