वक्फ़ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “सारी बात बारीकियों में छिपी है”:
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि सोमवार को वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम पर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश से वक्फ़ संपत्तियों की रक्षा नहीं हो पाएगी, भले ही कुछ धाराओं पर रोक लगाई गई हो। गुरुवार को एक विशेष साक्षात्कार में ओवैसी ने आगामी बिहार चुनाव में विपक्षी INDIA गठबंधन के साथ संभावित तालमेल और एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के विरोध की वजह..
हैदराबाद। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि सोमवार को वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम पर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश से वक्फ़ संपत्तियों की रक्षा नहीं हो पाएगी, भले ही कुछ धाराओं पर रोक लगाई गई हो। गुरुवार को एक विशेष साक्षात्कार में ओवैसी ने आगामी बिहार चुनाव में विपक्षी INDIA गठबंधन के साथ संभावित तालमेल और एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के विरोध की वजह भी बताई।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वक्फ़ संपत्ति स्वामित्व विवादों पर कलेक्टर अंतिम निर्णयकर्ता नहीं होगा। अदालत ने उस प्रावधान पर भी रोक लगाई कि केवल वही व्यक्ति, जो पाँच साल से इस्लाम का पालन कर रहा हो, वक्फ़ संपत्ति दान कर सकता है। साथ ही, राज्य वक्फ़ बोर्डों और केंद्रीय परिषद में गैर-मुसलमानों की संख्या भी सीमित की।
प्रतिक्रिया पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा, “सरकार वक्फ़ प्रणाली की सुरक्षा में बिल्कुल भी रुचि नहीं रखती। उन्होंने इसे हमारे देश के लिए विदेशी विचार बताया है। और, सुप्रीम कोर्ट ने बड़े संशोधनों पर रोक नहीं लगाई, जिससे वक्फ़ संपत्तियों पर कब्ज़ा करने वालों को इनाम मिलेगा।”
पाँच साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त पर ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे पूरी तरह नहीं रोका है और अब सरकार नियम बनाएगी। उन्होंने कहा, “सारी बात बारीकियों में छिपी होगी। क्या हिंदू, ईसाई, सिख या बौद्ध धर्म अपनाने वालों के लिए ऐसी कोई शर्त है कि वे अपनी संपत्ति दान करने से पहले कुछ नियमों से गुजरें? ऐसा नहीं है। सरकार निश्चित ही ऐसे नियम बनाएगी जिससे यह मुश्किल हो जाएगा।”
ओवैसी ने आगे कहा कि वक्फ़ बोर्डों में गैर-मुसलमानों की संख्या सीमित करना भी संविधान के अनुच्छेद 26 का उल्लंघन है, जो धार्मिक संस्थाओं और संपत्ति पर अधिकार देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिंदू एंडोमेंट बोर्ड, सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति या बोधगया ट्रस्ट में गैर-हिंदुओं को शामिल नहीं किया जाता, तो वक्फ़ बोर्डों में क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने कहा, “माननीय सुप्रीम कोर्ट को इस अधिनियम पर लंबित याचिकाओं की अंतिम सुनवाई शुरू करनी चाहिए। हम अपनी बातें फिर से रखेंगे। लेकिन, बीता दिन वक्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं था।”
बिहार चुनाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बिहार के सीमांचल क्षेत्र के पुर्णिया का दौरा किया। 2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने यहां पाँच सीटें जीती थीं।
इस पर ओवैसी ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि पुर्णिया हवाई अड्डा पहले उद्घाटित क्यों नहीं हुआ।
उन्होंने सवाल उठाया, “प्रधानमंत्री सीमांचल आए लेकिन क्या वे बता सकते हैं कि कोचाधामन में रेलवे स्टेशन की मांग क्यों पूरी नहीं हुई? सालों से सत्ता में रहने के बावजूद सीमांचल में एम्स क्यों नहीं बना? केवल गया को ही औद्योगिक क्षेत्र क्यों बनाया गया, किशनगंज, अररिया या कटिहार क्यों नहीं? हर साल बाढ़ से लाखों एकड़ ज़मीन कट जाती है, इसे रोकने के लिए क्या किया गया?”
INDI गठबंधन से तालमेल पर ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी ने राजद प्रमुख लालू यादव को दो और तेजस्वी यादव को एक पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा, “हमने तेजस्वी यादव को लिखे पत्र में कहा कि हमें सिर्फ छह सीटें चाहिएं। हमने पाँच जीती थीं। अब फैसला उनका है। वे स्वतंत्र हैं और हम भी स्वतंत्र हैं। हमारी पार्टी हर हाल में पूरी मेहनत और जुनून से चुनाव लड़ेगी।”
भारत-पाकिस्तान मैच
एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के विरोध पर ओवैसी ने कहा कि यह केवल पैसे कमाने के लिए खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी विपक्ष में होती, तो पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद इसका कड़ा विरोध करती।
ओवैसी ने कहा, “राष्ट्रवाद का मतलब सिर्फ चुनाव जीतना नहीं होता। उनका तर्क कि वे द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेंगे, कोई मायने नहीं रखता।”
भारत ने रविवार को पाकिस्तान को सात विकेट से हराया। मई में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद यह पहला मुकाबला था।
ओवैसी ने कहा, “भारत को हर जगह जीतना चाहिए, चाहे वह क्रिकेट हो या आतंकवादियों के खिलाफ़ लड़ाई। लेकिन जीत का पैमाना यह नहीं हो सकता कि आप उन लोगों के साथ खेलें जो हमारी बेटियों को विधवा और हमारे बच्चों को अनाथ बना रहे हैं। यह जीत नहीं हो सकती।”
मैच से पहले ओवैसी ने सवाल उठाया था कि क्या पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों की जान की कीमत अधिक है या इस मैच से बीसीसीआई को मिलने वाले 2,000–3,000 करोड़ रुपये?
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा था कि ख़ून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते, आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते। तो फिर क्रिकेट कैसे चल सकता है? बीजेपी हमेशा ‘देशभक्ति’ की बात करती है, लेकिन क्रिकेट मैच आते ही ‘स्टंप’ हो जाती है।”
ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम हमेशा पहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों के परिवारों के साथ खड़ी है।
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