ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल साउथ दोहरे मापदंडों का शिकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और वैश्विक सहयोग व समान विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को..

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल साउथ दोहरे मापदंडों का शिकार
07-07-2025 - 06:53 AM

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और वैश्विक सहयोग व समान विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

यह सम्मेलन म्यूज़ियम ऑफ मॉडर्न आर्ट में आयोजित किया गया, जिसमें ब्रिक्स के मूल पाँच सदस्य देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—के साथ-साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, इंडोनेशिया और सऊदी अरब जैसे नए सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

पारंपरिक फोटो सत्र के दौरान पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और अन्य नेताओं के साथ मंच साझा किया।

पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “रियो डी जेनेरियो, ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने साथी नेताओं के साथ। सहयोग को और मजबूत करने और साझा विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए। ब्रिक्स में एक समावेशी और समान वैश्विक भविष्य गढ़ने की अपार क्षमता है।”

प्रथम पूर्ण सत्र में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) अक्सर ‘दोहरी नीतियों’ का शिकार रहा है, विशेषकर विकास, संसाधनों के वितरण और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर। उन्होंने तर्क दिया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले देशों को आज भी प्रमुख निर्णय लेने वाले निकायों में समुचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा।

उन्होंने कहा, “ग्लोबल साउथ अक्सर दोहरे मापदंडों का शिकार रहा है—चाहे बात विकास की हो, संसाधनों के वितरण की या सुरक्षा से जुड़े विषयों की।”

पीएम मोदी ने जलवायु वित्त, सतत विकास और तकनीक की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी बात की और कहा कि विकासशील देशों को अब तक सिर्फ प्रतीकात्मक सहयोग ही मिला है।

उन्होंने वैश्विक संस्थाओं की पुरानी संरचना की आलोचना करते हुए कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में, जहाँ हर हफ्ते तकनीक अपडेट हो रही है, वहाँ यह स्वीकार्य नहीं कि कोई वैश्विक संस्था 80 वर्षों में भी अपडेट न हुई हो।” उन्होंने आगे कहा, “21वीं सदी के सॉफ़्टवेयर को 20वीं सदी की टाइपराइटर से नहीं चलाया जा सकता।”

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन (WTO) और बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसे संस्थानों में व्यापक और वास्तविक सुधारों की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सुधार केवल प्रतीकात्मक न हों, बल्कि इसमें गवर्नेंस संरचना, वोटिंग अधिकार और नेतृत्व पदों में ठोस परिवर्तन किए जाएं।

उन्होंने जोर देकर कहा, “ग्लोबल साउथ के देशों की चुनौतियों को नीति-निर्माण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।” उन्होंने ब्रिक्स के विस्तार को समय के साथ अनुकूलनशीलता का प्रमाण बताया और कहा, “भारत ने हमेशा मानवता के हित में काम करना अपना कर्तव्य समझा है, अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर।”

भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस सम्मेलन में लिए गए सामूहिक संकल्प को रेखांकित किया। मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “वैश्विक चुनौतियों से निपटने और साझा मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अन्य ब्रिक्स नेताओं के साथ पारिवारिक फोटो में भाग लिया।”

6 से 7 जुलाई तक ब्राजील द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में बहुपक्षवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु कार्रवाई, शांति और सुरक्षा तथा आर्थिक लचीलापन जैसे प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने इन सभी विषयों पर अन्य नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया।

इससे पहले, पीएम मोदी को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से गले मिलते हुए देखा गया और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “इस वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए राष्ट्रपति लूला का आभार। ब्रिक्स आर्थिक सहयोग और वैश्विक भलाई के लिए एक शक्तिशाली मंच बना हुआ है।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, “मेरे मित्र, राष्ट्रपति रामाफोसा से मिलकर अच्छा लगा!”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।