गुजरात चुनाव: भाजपा की बंपर जीत पर दांव लगा रहा सट्टा बाजार
<p><em><strong>सटोरियों को उम्मीद है कि इस चुनाव में भाजपा लगभग दो दशकों में सबसे अधिक सीटें हासिल करेगी।</strong></em></p>
गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है। ये 1 और 5 दिसंबर को दो चरणों में होंगे। तमाम सर्वे चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की वापसी की बात कह रहे हैं। सट्टा बाजार भी भाजपा की धमाकेदार जीत पर दांव लगा रहा है। सटोरियों को उम्मीद है कि इस चुनाव में भाजपा लगभग दो दशकों में सबसे अधिक सीटें हासिल करेगी।
सट्टेबाजों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सट्टा या अवैध बाजार में कारोबार करीब 40,000-50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सवाल उठता है कि सटोरियों को आखिर बीजेपी की इतनी तगड़ी जीत पर कैसे भरोसा है।
पटेल फैक्टर है नदारद
2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने 182 सीटों वाली राज्य विधानसभा में 127 सीटें जीती थीं। सटोरियों को लगता है कि इस बार पार्टी को कम से कम 120 सीटें मिल सकती हैं। इस यकीन के पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि पार्टी को 2017 के उलट प्रमुख पटेल समुदाय से किसी भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया का सामना नहीं करना पड़ रहा है। तब भारतीय जनता पार्टी की सीटों की संख्या 99 तक गिर गई थी। ये 2002 के बाद से सबसे कम थीं। पटेल समुदाय तब आरक्षण की मांग को लेकर बीजेपी से खफा था।
कांग्रेस से आप की भिड़ंत
जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो पार्टी को प्रमुख रणनीतिकार और गांधी परिवार के लंबे समय से सहयोगी रहे अहमद पटेल की कमी खलेगी। अहमद पटेल की काडर जुटाने में बड़ी भूमिका रही थी। पटेल की 2020 में मल्टी ऑर्गन फेलियर से मौत हो गई थी। कांग्रेस के लिए सीटें 15 से 30 के बीच सीमित रहने के आसार हैं। वर्ष 2017 में 77 सीट से इसमें भारी गिरावट की आशंका है।
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