संयुक्त राष्ट्र में एस. जयशंकर ने पड़ोसियों को खूब खरी-खोटी सुनाई और सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावा ठोका
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र के 77वें सत्र को संबोधित करते हुए चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद से पीडि़त रहा है। हम आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से आतंकवाद के प्रायोजक देशों और उन्हें बचाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जयशंकर ने कहा कि भारत बड़ी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार है। भारत जी-20 की अध्यक्षता, आतंकवाद से निपटने वाली कमेटी की अध्यक्षता करने जा रहा है। उन्होंने अपने 16 मिनट तक दिये गये भाषण की शुरुआत में ही कहा कि मैं दुनिया के सबसे बड़े डेमोक्रेटिक देश से 1.3 बिलियन लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह नया भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर पांच प्रण लिये थे। हम भारत को विकसित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने दुनिया को वैक्सीन दी, लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। आज हमारा फोकस ग्रीन ग्रोथ, एक्सेसबल हेल्थ पर है। दुनिया कोरोना के बाद आर्थिक संकट से गुजर रही है। फ्यूल, फर्टिलाइजर और फूड को लेकर संकट बना हुआ है। यूक्रेन संकट से भी कई दिक्कतें हुई हैं।
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि हम सीमा पार आतंकवाद से पीडि़त रहे हैं। आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद को प्रमोट करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। जो लोग आतंकवाद को खत्म करने और प्रतिबंध लगाने में समस्या पैदा कर रहे हैं, उन्हें भी देखने की जरूरत है।
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