केंद्र सरकार के मुखर आलोचक और नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को विश्व भारती ने बंगला खाली करने का नोटिस दिया, भूखंड पर अवैध कब्जे का आरोप
<p><em>विश्व भारती ने मंगलवार, 24 जनवरी को चर्चित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को नोटिस दिया है। इस नोटिस में सेन से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता शांति निकेतन में कब्जा किये गये एक भूखंड को लौटाने को कहा गया है। शांति निकेतन का दावा है कि नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने इस भूखंड पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।</em></p>
केंद्रीय विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रर ने नोटिस जारी करते हुए लिखा है कि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री का निवास एक ऐसे क्षेत्र में बनाया गया है, जिसमें अतिरिक्त 13 डिसमिल भूमि शामिल है। इसके लिए वह अपने प्रतिनिधियों और सर्वेक्षणकर्ता या सेन के प्रतिनियुक्त सर्वेक्षणकर्ता या अधिवक्ता की निगरानी में संयुक्त सर्वेक्षण करने के लिए तैयार है ताकि दावों को सत्यापित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि अमर्त्य सेन ने इससे पूर्व केंद्रीय विश्वविद्यालय के दावे को खारिज कर दिया था जब उसने उन पर 125 डिसमिल या 75-कोट्टा भूमि के अलावा भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया गया था। सेन का दावा है कि इस जमीन वी-बी को 1943 में उनके पिता आशुतोष सेन को सौंपा गया था। वर्ष 2006 में अमर्त्य सेन के नाम पर यह जमीन ट्रांसफर हो गई। बाद में उन्होंने कहा कि जिस जमीन V-B पर उनका घर है, वह एक लंबी अवधि के पट्टे पर थी, जिसकी अवधि समाप्त होने के करीब नहीं है। अमर्त्य सेन ने 2006 में यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वीसी को 99 साल पुरानी लीज होल्ड जमीन अपने नाम करने के लिए पत्र लिखा था।
नोटिस में कहा स्पष्ट रूप से कहगा गया है, 'यदि आप चाहें तो विश्वविद्यालय आपके सर्वेक्षक/अधिवक्ता की उपस्थिति में एक संयुक्त सर्वेक्षण आयोजित कर सकता है।' वी-बी पीआरओ महुआ बनर्जी ने कहा कि संपत्ति कार्यालय ने सेन को जमीन सौंपने से संबंधित पत्र दिया था। सूत्रों ने कहा कि पत्र अमर्त्य सेन के पैतृक घर प्रतीची में एक अधिकारी को मिला था, जहां वह वर्तमान में रह रहे हैं। न तो उन्होंने और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य ने इस पर कोई टिप्पणी की।
केंद्र सरकार के मुखर आलोचक हैं सेन
अमर्त्य सेन सीएए सहित केंद्र सरकार की कई नीतियों के आलोचक रहे हैं। उन्होंने सीएए को विभाजनकारी बताया था और यही नहीं उन्होंने तो हाल ही में यह भी कहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देश का अगला प्रधानमंत्री बनने में सक्षम हैं।
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