कोणार्क चक्र के सामने किया प्रधानमंत्री ने मेहमानों का स्वागत किया,जो बाइडन के साथ दिखी खास बॉन्डिंग
<p><em>G20 Summit 2023: G20 के आगाज़ के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने 'भारत मंडपम' में विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों का गर्मजोशी से स्वागत किया।उन्होंने ओडिशा के कोणार्क चक्र के प्रतीक के सामने विदेशी नेताओं का स्वागत किय। एक एक कर के आमंत्रित नेता व विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंच रहे थे और पीएम मोदी सभी का अभिवादन कर स्वागत करते जा रहे थे। इसी बीच स्वागत कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच एक बार फिर गजब की बॉन्डिंग देखने को मिली।</em></p>
पीएम मोदी ने बाइडन को बताया कोणार्क चक्र का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के स्वागत के लिए खड़े थे। बाइडेन के आते ही पीएम मोदी ने हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों काफी खुश नजर आए। पीएम मोदी इसके बाद जो बाइडेन का हाथ पकड़कर मुड़े और उन्होंने पीछे लगे कोणार्क चक्र का चित्र दिखाए प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद जो बिडेन को कोणार्क चक्र के बारे में समझाया पीएम मोदी ने कोणार्क चक्र के गोल आकार पर इशारा करते हुए अंदर की अंदर की तीलियों के बारे में जानकारी देते हुए दिखे।
गौरतलब है कि, शुक्रवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान नई दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया तो केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने उनका स्वागत किया। जिसके ठीक बाद जो बाइडेन का काफिला प्रधानमंत्री आवास की ओर रवाना हो गया। वहां दोनों नेताओं में द्विपक्षीय वार्ता हुई। जारी तस्वीरों में भी पीएम मोदी ओर बाइडेन की जुगलबंदी नजर आई थी।
भारत के लिए क्यों खास है कोणार्क चक्र
आपको बता दें, हमारी प्राचीन सभ्यता का प्रतीक कोणार्क चक्र का निर्माण 13वीं शताब्दी में राजा नरसिम्हा देव-प्रथम के शासनकाल में हुआ था। ये चक्र हम सभी ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज में देखा है। यह भारत के प्राचीन ज्ञान, उन्नत सभ्यता तथा वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का प्रतीक है।
कोणार्क चक्र की घूमती गति समय, कालचक्र के साथ-साथ प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है. यह लोकतंत्र के पहिये के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में कार्य करता है जो लोकतांत्रिक आदर्शों के लचीलेपन और समाज में प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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