Delhi Pollution : दिल्ली-NCR में प्रदूषण ,आज से लागू होंगी पाबंदियां
<p><strong><em>Delhi Pollution : अब 500 स्क्वॉयर मीटर से बड़े ऐसे निर्माण कार्य पर रोक रहेगी, जिन्होंने सरकारी वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। </em></strong></p>
5 अक्टूबर को Delhi Pollution का स्तर बढ़कर खराब स्थिति में पहुंच गया है। हवा सुस्त होने पर स्थानीय वजहों से ऐसा हआ है। प्रदूषण के और अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है। इसके बावजूद प्रदूषण को सामान्य स्तर पर लाने व बनाए रखने के लिए ग्रैप (ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान) के स्टेज-1 को लागू किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में इसके तहत लगाए जा रहे सभी कदमों का अब सख्ती से पालन होगा। इसके तहत अब 500 स्क्वॉयर मीटर से बड़े ऐसे निर्माण कार्य पर रोक रहेगी, जिन्होंने सरकारी वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है।
क्या-क्या पाबंदियां होंगी लागू
- सरकारी वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने पर 500 स्क्वॉयर मीटर या इससे अधिक के निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट पर रोक रहेगी
- धूल को कम करने, निर्माण व मलबे से होने वाली धूल को रोकने के प्रभावी कदम
- खुली जगहों पर कूड़ा नहीं डाला जाएगा, संबंधित सिविक एजेंसी कूड़े का निस्तारण बेहतर तरीके से करेंगी
- सड़कों, लैंडफिल साइट आदि पर पानी का छिड़काव करना होगा
- निर्माण साइटों पर नए नियमानुसार एंटी स्मॉग गन लगानी होंगी
- लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटनाएं रोकने के पर्याप्त इंतजाम होंगे
- ट्रैफिक जाम वाली जगहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी रहेंगे
- पीयूसी के नियमों का सख्ती से पालन होग
- उद्योगों में सिर्फ अप्रूव्ड फ्यूल का इस्तेमाल हो सकेगा
- पटाखों पर रोक रहेगी
- कर्मियों के लिए यूनिफाइड कम्यूट को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि जाम न लगे
लोगों को क्या करना होगा
- अपनी गाड़ियों की ट्यूनिंग प्रॉपर करवानी होगी
- गाड़ियों के टायर में एयर प्रेशर मेंटेन करना होगा
- यदि गाड़ी को रेड लाइट पर रोकना पड़ रहा है तो इंजन बंद करने होंगे
- खुले में कूड़ा न डालें
- कहीं प्रदूषण फैलाने वालों को देखें तो 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप आदि पर रिपोर्ट करें
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