बंजर जमीन उगलेगी सोना...किसान एक बार जरूर देखें सौर कृषि आजीविका योजना पोर्टल
<p><em><strong>इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विकासकर्ता देख पायेगा कि कितनी भूमि सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए काष्तकार ने पोर्टल पर पंजीकृत की है</strong></em></p>
आपकी जमीन पर फसल नहीं उग रही तो भी अपनी जमीन से लाखों की कमाई कर सकते हैं। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने सोमवार को विद्युत भवन में सौर कृषि आजीविका योजना के पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल किसानों एवं विकासकर्ताओं को किसानों की बंजर-अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्रों की स्थापना में मदद करेगा।
भाटी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से कृषि भार वाले लोड सेन्टर पर पीएम-कुसुम कम्पोनेन्ट-सी (फीडर लेवल सोलराइजेषन) के तहत् विकसित किये जा रहे विकेन्द्रिकृत सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सौर कृषि आजीविका योजना तैयार की है।
कैसे होगा योजना में काम
भाटी ने बताया कि इस आॅनलाइन पोर्टल पर किसी भी गांव में 33-11 केवी जीएसएस के आसपास के किसान सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए अपनी जमीन को लीज पर देने के लिए पंजीकृत कर सकते है कि हम अपनी जमीन को सौलर ऊर्जा के माध्यम से विद्युत उत्पादन के लिए लीज पर देना चाहते है और सौर ऊर्जा संयंत्र के विकासकर्ता भी पंजीकृत किसानों-भूमि मालिकों तक पहुंचने के लिए पोर्टल पर पंजीकृत कर सकते है।
दिन में मिलेगी भरपूर बिजली
उन्होने बताया कि सोलर प्लांट की स्थापना के बाद 33-11 केवी जीएसएस के आस-पास के जितने भी कृषि उपभोक्ता है। उन सबको सोलर के माध्यम से दिन के समय अच्छी गुणवत्ता की बिजली मिलेगी और उनकी बिजली की समस्या का समाधान होगा।
किसान और विकासकर्ता एक ही मंच पर
पोर्टल पर इच्छुक किसान व भूमि मालिक अपनी बंजर और अनुपयोगी भूमि को लीज पर देने के लिए पंजीकृत कर सकेंगे और विकासकर्ता किसानों की ओर से पोर्टल पर डाला गया भूमि का विवरण देख सकेंगे, जिससे राजस्थान डिस्कॉम के 33-11 केवी सब-स्टेषन के आस-पास के क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में सुविधा मिलेगी।
क्या है पोर्टल का फायदा
इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पोर्टल पर किसान द्वारा अपनी भूमि का पंजीकरण करने के पश्चात् विकासकर्ता देख पायेगा कि कितनी भूमि सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए काष्तकार ने पोर्टल पर पंजीकृत की है। सभी सूचनाएं पोर्टल पर मिलने से सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को बढावा मिलेगा।
काश्तकार को पहले मिलेगा भुगतान
इसके तहत् डिस्कॉम को दी जाने वाली बिजली का भुगतान विकासकर्ता को किये जाने वाले भुगतान में से डिस्कॉम द्वारा लीज राशि काटकर सीधे काश्तकार को भुगतान किया जायेगा व शेष राशि का भुगतान विकासकर्ता को किया जायेगा।
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