स्टांप पर बच्चियों को बेचने का मामला 3 साल पुराना, कहा भीलवाड़ा के कलक्टर ने
<p><em><strong>राजस्थान के भीलवाडा जिले में एक गांव की युवतियों को स्टाम्प पर बेचने का मामला पुराना है तथा इस मामले में तीन वर्ष पूर्व कार्यवाही हो चुकी तथा 25 आरोपियों को गिरफ्तार भी किये जा चुके। इस बात का खुलासा जिला कलक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू ने एक पत्रकार वार्ता में कही है।</strong></em></p>
राजस्थान के भीलवाडा जिले में एक गांव की युवतियों को स्टाम्प पर बेचने का मामला पुराना है तथा इस मामले में तीन वर्ष पूर्व कार्यवाही हो चुकी तथा 25 आरोपियों को गिरफ्तार भी किये जा चुके। यह बात आज जिला कलक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू ने आज एक पत्रकार वार्ता में कही।
पुलिस अधीक्षक सिधू ने कहा कि 2019 में गुड़िया नाम से चलाये गए ऑपरेशन के दौरान भीलवाड़ा सहित राज्य में 6 लड़कियों को देह व्यापार से मुक्त कराया गया था। इनमें से 4 बच्चियों को पहचान होने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया जबकि दो को बाल सुधार गृह में रखा जहां वे पढ़ाई कर रही है इनमें से एक अब भी नाबालिग है। इन दोनों बालिकाओं के परिजनों का पता नहीं लग पाने के कारण उन्हें यहां रखा गया है।
तीन साल बीत जाने के बावजूद परिजनों का पता नहीं लग पाया है जबकि सभी 25 आरोपियों के चालान पेश कर दिये थे। इनमे से 4 की मृत्यु हो चुकी है और 1 फरार है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। पुराने मामले को ही उठाया गया है। उन्होंने किसी भी मीडिया हाउस का नाम लिये बगैर कहा कि इस मामले को क्यों उठाया गया है, वे इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहते है।
जिला कलक्टर मोदी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा देह व्यापार के दलदल में फंसी महिलाओं और युवतियों को निकालने की है और यह काम लगातार किया जा रहा है। 6 माह पहले भी ऐसी ही एक युवती को दलदल से निकाल कर उसकी इच्छा के अनुरूप उसकी शादी करवाई गई थी। महिलाओं पर अत्याचार को रोकने के लिए सरकार के साथ-साथ कई संगठन भी काम कर रहे है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि 2005 का जो स्टाम्प सामने आया है, वह ही आधार बना है और मामला उस समय बेचा गया यह स्टाम्प है। कोई नया स्टाम्प नहीं है। एक सवाल के जवाब में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अगर कोई मामला सामने आता है तो उसकी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत कई कार्रवाईयां की है। पिछले कुछ समय में इस तरह की सात कार्रवाइयां हुई है।
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