सीईसी ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध महाभियोग की मांग: ममता बनर्जी ने कहा, विपक्षी दलों से करेंगे चर्चा

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से सीईसी के महाभियोग की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर वह अन्य INDIA गठबंधन दलों का समर्थन जुटाने की..

सीईसी ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध महाभियोग की मांग: ममता बनर्जी ने कहा, विपक्षी दलों से करेंगे चर्चा
04-02-2026 - 10:11 AM

नयी दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से सीईसी के महाभियोग की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर वह अन्य INDIA गठबंधन दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगी।

सोमवार को राजधानी दिल्ली में अपने राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभ्यास के विरोध के तहत सीईसी ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करने के बाद, ममता ने मंगलवार को यह बयान दिया। दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित बंगा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने दावा किया कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, वे उनकी पार्टी के समर्थक हैं।

उन्होंने कहा, “100 प्रतिशत टीएमसी के समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं… दिखावे के लिए एक-दो नाम दूसरी पार्टियों के भी हो सकते हैं।”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सीईसी की जवाबदेही तय करने के लिए पूर्व प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) कानून लाने के सुझाव पर सवाल पूछे जाने पर ममता ने कहा, हम भी चाहते हैं कि उन्हें (सीईसी ज्ञानेश कुमार को) महाभियोग के जरिए हटाया जाए।”

ममता ने आगे कहा, हमारे पास संख्या बल नहीं है, लेकिन इसका एक प्रावधान है। यह रिकॉर्ड में दर्ज होगा। अगर कांग्रेस इस तरह का कोई कदम उठाती है, तो हम भी अपने पार्टी सांसदों से चर्चा करेंगे। जब जनहित का सवाल होता है, तो हम सब साथ मिलकर काम करते हैं।”

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, हां, हम इस (महाभियोग प्रस्ताव) पर विचार कर रहे हैं। यह कब और कैसे होगा, अभी नहीं कह सकते… हमने इस पर अन्य INDIA गठबंधन दलों से बातचीत शुरू कर दी है।”

वहीं, चुनाव आयोग के एक सूत्र ने कहा कि 12 SIR राज्यों में काम कर रहे 5 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) में से कुछ की दुर्भाग्यवश मौत हुई है, लेकिन इसके कारण SIR से इतर हैं। सूत्र ने दावा किया, कई मामलों में मौत का कारण AITC एजेंटों द्वारा गणना फॉर्म में गलत जानकारी देने के लिए बनाया गया राजनीतिक दबाव रहा है।”

आज सुप्रीम कोर्ट में SIR मामले पर दलील देंगी ममता

इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर SIR मामले में दलील देने की अनुमति मांगेंगी। टीएमसी नेताओं के अनुसार, इसके लिए अदालत में उन्हें पार्टी-इन-पर्सन’ के रूप में पेश होने की अनुमति मांगते हुए आवेदन दाखिल किया गया है।

ममता बनर्जी के पास कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध जोगेश चंद्र चौधुरी लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, उन्होंने आखिरी बार वर्ष 2003 में वकालत की थी।

मंगलवार रात टीएमसी ने एक डिजिटल पोस्टर भी जारी किया, जिसमें मुख्यमंत्री को वकील के रूप में सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियां चढ़ते दिखाया गया है। पोस्टर पर लिखा था— पीपुल्स एडवोकेट बनाम डेविल्स एडवोकेट।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।