अमेरिका ने दिखाया दम तो चीन ने दबा ली दुम, दो वॉरशिप ताइवान में तैनात
ताइवान के आसपास घातक हथियारों की ड्रिल करके उसे धमका रहे चीन की रविवार, 28 अगस्त को सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। चीन को बहुत सख्त जवाब देते हुए अमेरिकी नेवी ने अपने दो बेहद खतरनाक और हाईली एडवांस्ड न्यूक्लियर वॉरशिप ताइवान की खाड़ी में तैनात कर दिये। अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की विजिट के बाद से ही चीनी सेना ताइवान के बिल्कुल नजदीक मिलिट्री एक्सरसाइज कर रही है। अब पहली बार अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की है।
खास बात यह है कि अमेरिका के इस एक्शन के फौरन बाद चीन के तेवर ठंडे पड़ गए। रविवार को जब अमेरिकी वॉरशिप ताइवान स्ट्रैट पहुंचे तो चीन ने कहा, हम हालात पर नजर रख रहे हैं। तनाव बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।
नो एंट्री जोन का जवाब
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी या चीन की सेना ने ताइवान के चारों तरफ 6 ‘नो एंट्री जोन’ घोषित किये हैं यानी अब इन 6 रास्तों से कोई पैसेंजर प्लेन या शिप ताइवान नहीं पहुंच सकते हैं। चीन ने ताइवान के चारों ओर अपने जे-20 फाइटर जेट और युद्धपोतों की तैनाती कर दी है। चीन की सेना नॉर्थ, साउथ-वेस्ट और साउथ-ईस्ट में ताइवान के जल और हवाई क्षेत्र में मिलिट्री ड्रिल कर रही है।
चीन पर दबाव का असर
कई साल बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब अमेरिका ने चीन की सैन्य ताकत को सीधे तौर पर चैलेंज किया है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अमेरिका ने एक नहीं बल्कि दो वॉरशिप इस इलाके में तैनात किए हैं। चीन को पहली बार अहसास हो रहा है कि अब अमेरिकी नेवी ताइवान की मदद के लिए मोर्चा संभालने को तैयार है।
What's Your Reaction?